April 30, 2026, Thursday
१७ बैशाख २०८३, बिहीबार
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उद्योगपति चन्द्र प्रसाद ढकाल का भावुक शब्द : “खरानी से फिर उठना होगा, सुनहरा नेपाल बनाना होगा”

उद्योगपति चन्द्र प्रसाद ढकाल का भावुक शब्द : “खरानी से फिर उठना होगा, सुनहरा नेपाल बनाना होगा”

 काठमांडू नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के अध्यक्ष चन्द्र प्रसाद ढकाल ने हाल ही में हुए जेन–जी आंदोलन के दौरान देशभर में हुए तोड़फोड़ और आगजनी से निजी क्षेत्र को पहुँचे नुकसान पर गहरी पीड़ा व्यक्त की है। उन्होंने सभी उद्यमियों से पुनर्निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

ढकाल ने अपने सामाजिक सन्देश में बताया कि उनका व्यवसायिक सफर शून्य से शुरू हुआ था। चार दशकों की मेहनत, ईमानदारी और संकल्प ने आज उनके सपनों को साकार किया है। उन्होंने कहा, “हमारी मेहनत से बना छोटा रास्ता आज एक चौड़ा राजमार्ग बन चुका है।”

उन्होंने बताया कि उनके व्यवसाय से देशभर में 20 हजार से अधिक नेपाली नागरिकों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। हाल की घटनाओं से हुए नुकसान ने उन्हें भावुक बना दिया, लेकिन उन्होंने कहा, “आँखों में आँसू लिए बैठने का मन होता है, पर मुझे ऐसा करने की छूट नहीं है।”

ढकाल ने जेन–जी आंदोलन के नाम पर हुई हिंसा को अर्बों की संरचना को राख में बदलने वाला बताया। उन्होंने कहा कि हजारों की नौकरियाँ संकट में हैं और निवेश खतरे में है। “अब हमें फिर से उठना होगा, निजी क्षेत्र का मनोबल गिरने नहीं देना है,” उन्होंने स्पष्ट किया।

उन्होंने निजी क्षेत्र को देश की अर्थव्यवस्था का इंजन, रोजगार का स्रोत और समृद्धि का वाहक बताया। “देश की 81% अर्थव्यवस्था और 86% रोजगार निजी क्षेत्र से आता है,” उन्होंने कहा और सरकार व समाज से निजी क्षेत्र को सहयोग देने की अपील की।

भूकंप, नाकाबंदी और कोविड महामारी जैसे संकटों को पार कर व्यवसाय को पुनः खड़ा करने की उनकी स्मृति प्रेरणादायक रही। “खरानी झाड़कर उठना होगा, आत्मबल कभी नहीं जलता,” उन्होंने कहा।

अंत में, उन्होंने सभी उद्यमियों से एकजुट होकर पुनर्निर्माण, नए निवेश और भविष्य की पीढ़ी को विदेश जाने से रोकने के लिए अवसर सृजन की अपील की। “आइए, हम सब मिलकर निजी क्षेत्र के साहस से सुनहरा नेपाल का नक्शा तैयार करें,” उन्होंने अपने सन्देश में कहा।