कटक में सांप्रदायिक हिंसा के बाद इंटरनेट बंद, 36 घंटे का कर्फ्यू लागू
कटक, ओडिशा — ओडिशा के ऐतिहासिक शहर कटक में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच हुई झड़प ने सांप्रदायिक तनाव को जन्म दिया है। शनिवार रात से शुरू हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने 13 थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है और 36 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
क्या हुआ?
- दरगाह बाजार इलाके में विसर्जन जुलूस के दौरान तेज़ संगीत को लेकर विवाद हुआ।
- छतों से पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी गईं, जिससे कई लोग घायल हुए।
- कटक के डीसीपी ऋषिकेश ज्ञानदेव सहित कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
- उपद्रवियों ने वाहनों और दुकानों में तोड़फोड़ की।
इंटरनेट और सोशल मीडिया पर रोक
- फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स (पूर्व ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म पर अस्थायी प्रतिबंध।
- प्रशासन ने कहा कि यह कदम अफवाह और भड़काऊ संदेशों को रोकने के लिए उठाया गया है।
कर्फ्यू और निषेधाज्ञा
- दरगाह बाजार, मंगलाबाग, छावनी, पुरीघाट, लालबाग, बिदानासी, मरकट नगर, सीडीए फेज-2, मालगोदाम, बादामबाड़ी, जगतपुर, बयालीस मौजा और सदर थाना क्षेत्रों में लागू।
- 36 घंटे तक कोई सार्वजनिक सभा, जुलूस या प्रदर्शन की अनुमति नहीं।
️ राजनीतिक प्रतिक्रिया
- मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शांति की अपील करते हुए कहा:
- विपक्षी नेता नवीन पटनायक ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा:
✊ हिंदू संगठनों का विरोध
- विश्व हिंदू परिषद (VHP) और भाजपा के नेतृत्व में 10,000 से अधिक लोगों की रैली निकाली गई।
- प्रदर्शनकारियों ने कटक बंद का आह्वान किया और हिंदू पहचान की मांग की।
निष्कर्ष
कटक में फैली हिंसा ने प्रशासन, राजनीतिक दलों और नागरिक समाज को एक बार फिर सांप्रदायिक सद्भाव और कानून व्यवस्था की चुनौती से रूबरू कराया है। आने वाले दिनों में स्थिति की निगरानी और संवेदनशील संवाद की आवश्यकता होगी।

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